मेरी किताबें / E-Book

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मेरी किताबें / E-Book

मेरी कलम से निकली हुई विशेष ई-पुस्तकें (E-Books), जिन्हें आप आसानी से पढ़ और डाउनलोड कर सकते हैं।

स्क्रीन का सच, ज़मीन का झूठ
विशेष प्रकाशन E-Book

स्क्रीन का सच, ज़मीन का झूठ

“स्क्रीन का सच, ज़मीन का झूठ” हिंदुस्तानी मुसलमानों की मीडिया में दिखाई जाने वाली तस्वीर और उनकी ज़मीनी ज़िंदगी के बीच के फ़ासले की पड़ताल है। डॉ. सैयद नासिर शाह की यह किताब टीवी बहसों, सिनेमा और सोशल मीडिया में फैलते पूर्वाग्रहों पर सवाल उठाती है और पाठक को सुर्खियों से आगे जाकर इंसान और उसकी हकीकत को समझने की दावत देती है।

एक नई सुबह की तलाश: हिंदुस्तानी मुसलमान – कल, आज और मुस्तक़बल
विशेष प्रकाशन E-Book

एक नई सुबह की तलाश: हिंदुस्तानी मुसलमान – कल, आज और मुस्तक़बल

“एक नई सुबह की तलाश” हिंदुस्तानी मुसलमानों के अतीत, आज की चुनौतियों और बेहतर मुस्तक़बिल की राह पर लिखी गई किताब है। डॉ. सैयद नासिर शाह तालीम, रोज़गार और सामाजिक हालात की पड़ताल करते हुए हुनर, कारोबार, महिलाओं की तरक़्क़ी और आपसी एकता के ज़रिये आगे बढ़ने की बात रखते हैं। यह किताब अपने हालात को समझने और उन्हें बदलने की एक पुकार है।

खामोश साज़िश से अज़ीम बेदारी तक
विशेष प्रकाशन E-Book

खामोश साज़िश से अज़ीम बेदारी तक

“खामोश साज़िश से अज़ीम बेदारी तक” हिंदुस्तानी मुसलमानों के तारीखी सफर, संवैधानिक हुकूक और तालीमी, मआशी व सियासी चुनौतियों की पड़ताल है। डॉ. सैयद नासिर शाह की यह किताब ज़वाल के कारणों पर सवाल उठाते हुए तालीम, खुदमुख्तारी और जागरूक कयादत के ज़रिये बेहतर मुस्तक़बिल की राह तलाश करती है।

धरतीपुत्र की विरासत: पश्चिमी यूपी और किसान की राजनीति
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धरतीपुत्र की विरासत: पश्चिमी यूपी और किसान की राजनीति

‘धरतीपुत्र की विरासत: पश्चिमी यूपी और किसान की राजनीति’ चौधरी चरण सिंह के विचारों से लेकर चौधरी अजीत सिंह और जयंत चौधरी के राजनीतिक सफर की पड़ताल करती है। डॉ. सैयद नासिर शाह की यह पुस्तक किसान, ग्रामीण जीवन, हिंदू–मुस्लिम साझेदारी और बदलती पीढ़ियों की आकांक्षाओं के बीच पश्चिमी यूपी की राजनीति को समझने का प्रयास है।

संविधान और मुसलमान: अधिकार, कानून और बदलता हिंदुस्तान
विशेष प्रकाशन E-Book

संविधान और मुसलमान: अधिकार, कानून और बदलता हिंदुस्तान

“संविधान और मुसलमान: अधिकार, कानून और बदलता हिंदुस्तान” भारतीय मुसलमानों के संवैधानिक अधिकारों, प्रमुख कानूनों और सामाजिक सवालों को आसान हिंदी-उर्दू में समझाने वाली किताब है। डॉ. सैयद नासिर शाह की यह किताब तालीम, रोज़गार, धार्मिक आज़ादी और बराबरी जैसे मुद्दों पर पाठकों को अपने अधिकार समझने और जागरूक नागरिक बनने की ओर बुलाती है।

मुसलमान और लोकतंत्र: सिर्फ वोट नहीं, भागीदारी
विशेष प्रकाशन E-Book

मुसलमान और लोकतंत्र: सिर्फ वोट नहीं, भागीदारी

डॉ. सैयद नासिर शाह की किताब “मुसलमान और लोकतंत्र: सिर्फ वोट नहीं, भागीदारी” हिंदुस्तानी मुसलमानों की आवाज़, नुमाइंदगी और नागरिक हिस्सेदारी को सहज हिंदी–उर्दू में समझने की कोशिश है। अपने इलाक़े की ज़रूरतों से लेकर जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तक, यह किताब लोकतंत्र से हमारे रोज़मर्रा के रिश्ते पर सोचने का अवसर देती है।