स्क्रीन का सच, ज़मीन का झूठ
“स्क्रीन का सच, ज़मीन का झूठ” हिंदुस्तानी मुसलमानों की मीडिया में दिखाई जाने वाली तस्वीर और उनकी ज़मीनी ज़िंदगी के बीच के फ़ासले की पड़ताल है। डॉ. सैयद नासिर शाह की यह किताब टीवी बहसों, सिनेमा और सोशल मीडिया में फैलते पूर्वाग्रहों पर सवाल उठाती है और पाठक को सुर्खियों से आगे जाकर इंसान और उसकी हकीकत को समझने की दावत देती है।